शायद आपको याद हो कि जब चौथी तिमाही के नतीजे सामने आ रहे थे, और ये नतीजे कमोबेश बाजार की उम्मीदों के अनुरूप ही थे, तब कई विश्लेषक कह रहे थे कि असली परीक्षा तो तीन महीने बाद होगी, जब नये कारोबारी साल की पहली तिमाही के आंकड़े सामने आ जायेंगे। एडवांस टैक्स, ... आगे पढ़ें...
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बेशक, रैनबैक्सी ने बाजार को और मीडिया को एकदम से चौंका कर रख दिया। मीडिया में पहले जो चर्चाएँ थीं, वे किसी जापानी कंपनी से तालमेल की संभावना जता रही थीं। किसी ने यह सोचा भी नहीं होगा कि सिंह परिवार रैनबैक्सी में अपनी समूची हिस्सेदारी बेचने की खबर सुनाने ... आगे पढ़ें...
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पहले स्पष्ट कर दूं कि मैं बैंकिंग विषयों का विशेषज्ञ नहीं, लेकिन कुछ बातें मेरी सामान्य बुद्धि में भी नहीं समा रहीं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के रुख ने मेरे मन में उलझन पैदा कर दी है कि बाजार में पैसा कम या ज्यादा होने के बारे में आरबीआई भला सोच क्या ... आगे पढ़ें...
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आज पूरे दिन शेयर बाजार में यही अटकलबाजी चलेगी। पिछले हफ्ते भी बाजार में कुछ-कुछ यही धुन चल रही थी कि 29 अप्रैल को नयी नीति में आरबीआई का रुख ही बाजार की अगली दिशा तय करेगा। शुक्रवार को महंगाई दर के स्तर बाजार अनुमानों के आसपास, बल्कि उससे जरा-सा नीचे ही ... आगे पढ़ें...
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लगातार तीन दिन की छुट्टी बिताने के बाद निवेशकों और कारोबारियों को आज और आने वाले दिनों में बाजार की दिशा समझने के लिए एक साथ कई संकेतों को तौलना होगा। गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर वाई वी रेड्डी ने नकद आरक्षित अनुपात ... आगे पढ़ें...
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इस देश के किसान तो इंद्र देव के आसरे जिंदगी गुजारते ही हैं, लगता है केंद्र सरकार को भी कल संसद में महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष के हमले का सामना करने के लिए इंद्र देव के आशीर्वाद की जरूरत थी। देश में वर्षा समय पर होगी या नहीं, यह तो समय आने पर ही पता चलेगा, ... आगे पढ़ें...
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कल की तेजी ने निवेशकों के मन में काफी हद तक उत्साह लौटाया होगा। बाजार ने कल के कारोबार में कई सकारात्मक संकेत दिये हैं। लेकिन इसके बावजूद, अभी शायद पक्के भरोसे से यह नहीं कहा जा सकता कि बाजार पिछले कुछ समय से बने दायरे से बाहर निकल आया है। बेशक, यह अभी ... आगे पढ़ें...
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इन्फोसिस के नतीजों पर बाजार में बहस कई दिनों तक चलेगी, लेकिन पहली नजर में इन नतीजों को देख कर यही लगता है कि इनसे निराश होने की क्या जरूरत है? कंपनी ने चौथी तिमाही में 4542 करोड़ रुपये की आमदनी हासिल की है, जो ठीक पिछली तिमाही से 5.97% ज्यादा है। कंपनी का ... आगे पढ़ें...
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शेयर बाजार का स्वभाव हमेशा एक पेंडुलम जैसा होता है, क्योंकि कभी वह अति के एक छोर की ओर जाता है, तो कभी दूसरे छोर की ओर। लेकिन इस समय मानो आंकड़ों के लिहाज से भी सेंसेक्स-निफ्टी ने पेंडुलम बनना ही तय कर लिया है। कल अगर आखिरी घंटे में पहले तेजी और फिर एकदम ... आगे पढ़ें...
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कल जैसे ही रैनबैक्सी के प्रवक्ता की ओर से यह टिप्पणी आयी कि रैनबैक्सी जबरिया अधिग्रहण में यकीन नहीं करती, ऑर्किड के शेयर भावों में आया उबाल एकदम से ठंडा पड़ गया। इस एक वाक्य के बयान से बाजार ने शायद यही संकेत लिया कि रैनबैक्सी समूह की ओर से ऑर्किड ... आगे पढ़ें...
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बाजार और बोर्डरूम में भले ही जबरदस्त हलचल हो, कंपनियां अपने शेयरधारकों से मुखातिब होने में गजब की हिचक दिखाती हैं। ऑर्किड केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स को हथियाने पर शायद रैनबैक्सी समूह या इसके प्रमोटरों की नजर है, यह बात पूरा बाजार देख रहा है। लेकिन ... आगे पढ़ें...
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तिमाही नतीजे कैसे रहेंगे और आरबीआई क्या करने वाला है? यही दो सवाल आने वाले दिनों में पूरे बाजार में छाये रहेंगे। आज कुछ बात तिमाही नतीजों की। बीएचईएल के नतीजों ने बाजार को पहला झटका दिया है। हालांकि कई विश्लेषक यह मान रहे हैं कि बीएचईएल के बारे में केवल ... आगे पढ़ें...
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वैसे तो तिमाही नतीजों का दौर अगले हफ्ते शुरू होगा, लेकिन बीएचईएल के नतीजों के रूप में पहला बड़ा नतीजा हमारे सामने आ चुका है। नतीजा बाजार को निराश करने वाला ही रहा है। इन नतीजों ने एक फिर इस विडंबना को भी सामने रखा है कि कंपनियां आम तौर पर अपने कमजोर ... आगे पढ़ें...
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कभी-कभी लगता है कि सरकार भी कितने विरोधाभासों के बीच चला करती है। महंगाई के मुद्दे पर सरकार की उलझनों को ही देखिये। अगर महंगाई पर काबू पाने के लिए अलग-अलग उद्योगों को मनाये, मनुहार करे, न मानें तो डंडा दिखाये और इन सब की वजह से खुले बाजार की बुनियादी सोच ... आगे पढ़ें...
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बाजार में हाल की गिरावट का सबसे बड़ा जिम्मेदार कौन है? इस सवाल पर एक झटके में आपको ख्याल आयेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार के माहौल का और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का। लेकिन ताजा आंकड़े कहते हैं कि कम-से-कम मार्च महीने के उतार-चढ़ाव के लिए ... आगे पढ़ें...
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