कभी-कभी लगता है कि सरकार भी कितने विरोधाभासों के बीच चला करती है। महंगाई के मुद्दे पर सरकार की उलझनों को ही देखिये। अगर महंगाई पर काबू पाने के लिए अलग-अलग उद्योगों को मनाये, मनुहार करे, न मानें तो डंडा दिखाये और इन सब की वजह से खुले बाजार की बुनियादी सोच ...
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